लखनऊ, 18 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने गलत या भ्रामक आपत्तियां दर्ज कराने को लेकर चेतावनी दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जानबूझकर गलत जानकारी देने पर संबंधित नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
मतदाता सूची पर आपत्ति दर्ज करते समय रखें सावधानी
मतदाता सूची में किसी नाम, पते या अन्य विवरण को लेकर वास्तविक समस्या होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत या आपत्ति दी जा सकती है। लेकिन किसी व्यक्ति का नाम गलत तरीके से हटवाने के उद्देश्य से झूठी जानकारी देना कानूनी जोखिम पैदा कर सकता है।
नागरिकों को क्या करना चाहिए?
- मतदाता सूची में त्रुटि मिलने पर सही तथ्य और उपलब्ध दस्तावेज प्रस्तुत करें।
- किसी दूसरे व्यक्ति के बारे में अपुष्ट आरोप लगाकर शिकायत न करें।
- आवेदन या आपत्ति की रसीद और संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखें।
- नियमों की जानकारी के लिए निर्वाचन अधिकारी या BLO से संपर्क करें।
कानूनी कार्रवाई के बारे में जरूरी जानकारी
एक मीडिया रिपोर्ट में गलत या भ्रामक आपत्ति के मामले में एक साल तक की सजा का उल्लेख किया गया है। हालांकि, वास्तविक कानूनी परिणाम संबंधित कानून, अपराध के तथ्यों और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय पर निर्भर करेंगे।
आधिकारिक मतदाता सेवा पोर्टल: https://voters.eci.gov.in/
Royal Gyan की सलाह: मतदाता सूची की प्रक्रिया में भाग लेते समय सही जानकारी दें और किसी भी शिकायत को तथ्यात्मक आधार पर ही दर्ज करें।
संपादकीय नोट: एक साल की सजा के दावे को प्रकाशित करने से पहले संबंधित कानूनी प्रावधान और निर्वाचन अधिकारी के मूल बयान की पुष्टि करें।
